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Showing posts from February, 2019

The Evocation

बात उन दिनो से शुरू होती है जब मेरे दादा द्वारा जब मुझे बोला गया कि जिशु तुम्हे अंगूर मिला जब मैंने बोला नही तो बोला गया राफात को दिया है जब उसको बुला के पूछा तो बोला कि मैंने कहा लिया तो दादा ने 5 रुपया दिया उस समय ये छोटी बात लगी लेकिन अब ऐसा लगता है कि शायद उसी समय से हमलोग को पछाड़ने का होड़ सुरु हुआ........ अब मैं सबके सामने अपनी कहानी लेकर आया हूँ जिसमे मैं आपको अपनी आपबीती सुनाऊंगा। इस अंक का विशेष.. कैसे लोग जायदाद के लिए अपने ही खून के जानी दुश्मन हो जाते हैं। कैसी बीती मेरी स्कूल की जिंदगी। इंटर परीक्षा के समय की कहानी। होस्टल से लेकर डिग्री का सफर। रिस्तेदारों द्वारा भीखमंगा का खिताब मिलने का सफर। मेरे परिवार को किस तरह हर जगह बेइज्ज़त किया गया।